📍 अंता, राजस्थान
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हमारे बारे में
द्वारकी लाल कुशवाह फार्म राजस्थान के अंता (बारां) क्षेत्र का एक प्रमुख कृषि केंद्र है। हम शुद्धता और आधुनिक खेती के तरीकों पर विश्वास करते हैं।
- 🌱 स्थान: नागदा की झोपड़ियाँ, ठिकारिया, अंता (राजस्थान)
- 🚜 विशेषता: उन्नत कृषि तकनीक और पशुपालन
- 📍 सेवा क्षेत्र: अंता और आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र
नया अपडेट:
गेहूं की उन्नत खेती कैसे करे?
🌾 गेहूं की उन्नत खेती 🚜
स्टेप-बाय-स्टेप संपूर्ण जानकारी
(इमेज: गेंहू के हरे-भरे खेत - द्वारकी लाल कुशवाह फार्म)
⛰️ 1. खेत की तैयारी
सबसे पहले खेत की गहरी जुताई करें। मिट्टी को भुरभुरा बनाने के लिए रोटावेटर चलाएं और समतल कर लें। इससे जलभराव नहीं होगा।
🌱 2. उन्नत बीजों का चयन
अपने क्षेत्र और मिट्टी के अनुसार उन्नत किस्मों (जैसे HD 2967, PBW 550, राज 4037) का चयन करें। बुवाई से पहले बीजों का उपचार जरूर करें।
⏳ 3. बुवाई का सही समय
समय पर बुवाई (नवंबर का महीना) सबसे उपयुक्त है। पछेती बुवाई से पैदावार कम हो सकती है। बीज की गहराई 4-5 सेमी रखें।
💧 4. सिंचाई प्रबंधन
गेहूं को 4-6 सिंचाइयों की जरूरत होती है। पहली सिंचाई बुवाई के 21-25 दिन बाद (CRI स्टेज) बहुत जरूरी है। दाने भरते समय पानी की कमी न होने दें।
🍃 5. खाद और उर्वरक
मिट्टी परीक्षण के आधार पर DAP, यूरिया और पोटाश का प्रयोग करें। यूरिया की आधी मात्रा बुवाई के समय और आधी पहली दो सिंचाइयों पर दें।
✂️ 6. कटाई और मड़ाई
जब फसल पूरी तरह पक जाए और दाने कड़क हो जाएं, तब कटाई करें। कटाई के बाद कंबाइन हार्वेस्टर या थ्रेशर से मड़ाई करें।